जनवरी 22, 2026 | TSI Editorial
ISO 27001:2022 क्या है? सूचना सुरक्षा (ISMS) के लिए पूरी गाइड
आज के डिजिटल युग में 'डेटा' सबसे कीमती संपत्ति है। चाहे वह किसी कंपनी के ग्राहकों की जानकारी हो, वित्तीय रिकॉर्ड हों या कोई सीक्रेट प्रोजेक्ट—इन सबकी सुरक्षा करना किसी भी बिजनेस के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। इसी सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए ISO 27001 मानक (Standard) का उपयोग किया जाता है।
इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि ISO 27001 Introduction क्या है और What is ISMS (सूचना सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली) आपके करियर और बिजनेस के लिए क्यों महत्वपूर्ण है।
ISO 27001 क्या है? (What is ISO 27001?)
ISO 27001 एक अंतरराष्ट्रीय मानक है जो Information Security Management System (ISMS) को स्थापित करने, लागू करने, बनाए रखने और निरंतर सुधार करने के लिए आवश्यकताओं को निर्धारित करता है। इसे 'International Organization for Standardization' (ISO) और 'International Electrotechnical Commission' (IEC) द्वारा संयुक्त रूप से तैयार किया गया है।
इसका नवीनतम संस्करण ISO/IEC 27001:2022 है, जिसे आधुनिक सुरक्षा चुनौतियों और साइबर खतरों के बदलते स्वरूप को देखते हुए अपडेट किया गया है।
ISMS क्या है? (What is ISMS?)
जब हम पूछते हैं कि What is ISMS, तो इसका सरल उत्तर है—एक व्यवस्थित ढांचा (Systematic Framework)।
ISMS का पूरा नाम Information Security Management System है। यह सिर्फ एक एंटीवायरस या फायरवॉल लगाने जैसा नहीं है, बल्कि यह लोगों (People), प्रक्रियाओं (Processes) और तकनीक (Technology) का एक मेल है जो किसी संगठन की संवेदनशील जानकारी को सुरक्षित रखता है।
ISMS के तीन मुख्य स्तंभ (CIA Triad)
ISO 27001 मुख्य रूप से तीन सिद्धांतों पर काम करता है, जिसे CIA Triad कहा जाता है। यह किसी भी सुरक्षा प्रणाली की बुनियाद है:
स्तंभ (Pillar)
विवरण (Description)
Confidentiality (गोपनीयता)
यह सुनिश्चित करना कि जानकारी केवल उन्हीं लोगों तक पहुंचे जिन्हें उसे देखने का अधिकार है।
Integrity (अखंडता)
यह सुनिश्चित करना कि डेटा सटीक रहे और उसे अनधिकृत (Unauthorized) रूप से बदला न जा सके।
Availability (उपलब्धता)
यह सुनिश्चित करना कि जब भी अधिकृत उपयोगकर्ताओं को जानकारी की आवश्यकता हो, वह उनके लिए उपलब्ध हो।
ISO 27001:2022 का महत्व क्यों है?
आजकल साइबर हमले, डेटा चोरी और रैनसमवेयर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में ISO 27001 प्रमाणीकरण (Certification) एक कंपनी के लिए कई फायदे लाता है:
- डेटा सुरक्षा: यह साइबर खतरों के खिलाफ एक मजबूत सुरक्षा कवच तैयार करता है।
- कानूनी अनुपालन (Compliance): कई देशों में डेटा सुरक्षा कानून (जैसे भारत का DPDP Act) का पालन करना अनिवार्य है। ISO 27001 इसमें मदद करता है।
- ग्राहकों का भरोसा: जब किसी कंपनी के पास ISO सर्टिफिकेट होता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में उसकी क्रेडिबिलिटी बढ़ती है।
- बिजनेस निरंतरता: यह सुनिश्चित करता है कि किसी हमले की स्थिति में भी आपका बिजनेस बिना रुके चलता रहे।
ISO 27001:2013 vs 2022 में क्या बदलाव हुए?
अक्टूबर 2022 में इस मानक को अपडेट किया गया ताकि यह क्लाउड सुरक्षा और नए साइबर खतरों से लड़ सके:
विशेषता
ISO 27001:2013
ISO 27001:2022
कंट्रोल्स की संख्या
114 Annex A Controls
93 Annex A Controls
कंट्रोल्स का ग्रुप
14 डोमेन में विभाजित
4 श्रेणियों में विभाजित
मुख्य फोकस
पारंपरिक आईटी सुरक्षा
क्लाउड सुरक्षा और साइबर इंटेलिजेंस
ISO 27001 लागू करने के चरण (Implementation Steps)
यदि आप अपनी कंपनी में ISMS लागू करना चाहते हैं, तो आपको इन 6 महत्वपूर्ण चरणों का पालन करना होगा:
- प्रोजेक्ट की परिभाषा: सबसे पहले ISMS का दायरा (Scope) तय करें कि आपको कौन सा डेटा सुरक्षित करना है।
- प्रबंधन का समर्थन: बिना टॉप मैनेजमेंट की मंजूरी और बजट के इसे लागू करना मुश्किल है।
- जोखिम मूल्यांकन (Risk Assessment): पहचानें कि आपके डेटा को कहाँ-कहाँ से खतरा हो सकता है।
- जोखिम उपचार (Risk Treatment): उन खतरों को कम करने के लिए Annex A के कंट्रोल्स लागू करें।
- प्रशिक्षण: कंपनी के हर कर्मचारी को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करें।
- आंतरिक ऑडिट (Internal Audit): सर्टिफिकेट मिलने से पहले खुद जांचें कि सिस्टम सही काम कर रहा है या नहीं।
निष्कर्ष (Conclusion)
ISO 27001 केवल एक सर्टिफिकेट नहीं है, बल्कि यह साइबर सुरक्षा के प्रति आपकी अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है। Tech Seekho India का मानना है कि आज के दौर में यदि आप साइबर सुरक्षा या आईटी ऑडिट में करियर बनाना चाहते हैं, तो ISO 27001 की समझ होना आपके लिए सबसे बड़ा प्लस पॉइंट है।
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