डीपफेक (Deepfake) और AI-जनरेटेड स्कैम आज डिजिटल दुनिया के सबसे खतरनाक खतरों में से एक बन चुके हैं। AI वॉइस क्लोनिंग (Voice Cloning) और फेस-स्वैपिंग तकनीकों के जरिए साइबर अपराधी अब रिश्तेदारों की फर्जी आवाज या चेहरा बनाकर इमरजेंसी का बहाना बनाते हैं और पैसे ठग लेते हैं।
यदि आप खुद को और अपने परिवार को इस प्रकार की धोखाधड़ी से सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो इन 5 सबसे प्रभावी सुरक्षा उपायों और साइकोलॉजिकल नियमों का पालन करें:
1. परिवार के लिए एक 'सीक्रेट फैमिली पासवर्ड' (Secret Family Password) तय करें
AI स्कैमर्स अक्सर वॉइस क्लोनिंग के जरिए आपके किसी परिजन की आवाज में फोन करते हैं और दुर्घटना, पुलिस केस या तुरंत पैसों की जरूरत का बहाना बनाते हैं।
क्या करें: अपने परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर 1 या 2 शब्दों का एक गुप्त कोड वर्ड (Secret Code/Password) तय कर लें।
नियम: जब भी किसी अनजान नंबर से परिवार का सदस्य बनकर इमरजेंसी कॉल आए और पैसों की मांग की जाए, तो तुरंत उनसे वह सीक्रेट पासवर्ड पूछें। AI स्कैमर के पास वह पासवर्ड नहीं होगा और पोल तुरंत खुल जाएगी।
2. 'कॉल काटो और सीधे संपर्क करो' का नियम (Hang Up & Call Directly)
जब कोई साइबर अपराधी किसी आपात स्थिति का नाटक करता है, तो वह आपके दिमाग में घबराहट पैदा करता है ताकि आप सोचने-समझने की क्षमता खो दें।
क्या करें: यदि किसी अनजान नंबर से इमरजेंसी कॉल आए (चाहे आवाज या चेहरा आपके किसी जानने वाले का ही क्यों न लग रहा हो), तो पैनिक न हों।
नियम: कॉल को तुरंत काटें और उस परिजन के असली/सेव किए गए व्यक्तिगत नंबर पर सीधे कॉल करके स्थिति की पुष्टि करें। यदि उनका फोन न लगे, तो उनके किसी करीबी दोस्त या सहकर्मी को फोन करें।
3. डीपफेक वीडियो और ऑडियो पहचानने के तरीके
हालांकि डीपफेक तकनीक एडवांस हो रही है, लेकिन थोड़े ध्यान से इसकी कमियों को पकड़ा जा सकता है:
चेहरे के संकेत: ध्यान दें कि क्या व्यक्ति की पलकें झपक (Blinking) रही हैं या नहीं। डीपफेक वीडियो में अक्सर आंखों का झपकना असामान्य होता है।
होंठ और आवाज का तालमेल: आवाज और होंठों की मूवमेंट (Lip-sync) में हल्का सा अंतर या लैग होता है।
आवाज की बनावट: AI से बनी आवाज अक्सर रोबोटिक, बिना भावनाओं वाली या असामान्य टोन वाली लगती है।
4. सोशल मीडिया गोपनीयता बढ़ाएं (Social Media Privacy)
AI अपराधियों को किसी की आवाज या चेहरे की क्लोनिंग करने के लिए केवल 3 से 5 सेकंड का क्लियर ऑडियो या फोटो चाहिए होता है, जो वे आपके सोशल मीडिया से उठाते हैं।
क्या करें: अपने और अपने परिवार के सोशल मीडिया प्रोफाइल्स (Facebook, Instagram) को Private रखें।
सावधानी: अपनी या अपने बच्चों की हाई-क्वालिटी वीडियो/ऑडियो क्लिप्स को पब्लिक प्लेटफॉर्म पर शेयर करने से बचें। अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करें।
5. डिजिटल अवेयरनेस और साइबर हेल्पलाइन
पारिवारिक संवाद: घर के बुजुर्गों और बच्चों को AI स्कैम के तरीकों के बारे में समय-समय पर सचेत करते रहें, क्योंकि वे इन ठगियों के सबसे आसान शिकार बनते हैं।
साइबर फ्रॉड की रिपोर्ट दर्ज करें: यदि आपके साथ किसी भी तरह का डिजिटल फ्रॉड होता है, तो बिना देर किए राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या official पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर शिकायत दर्ज कराएं।