Thursday, May 17, 2012

विमोचन : अंजन ..... कुछ दिल से

पुस्तक विमोचन संपन्न : 12 May 2012 अखिल भारतीय कवि सम्मलेन मैहर L-2-R:   डॉ. K.C.JAIN ,  राष्ट्रीय ओज कवि  श्री विनीत चौहान ,मैहर पूर्व विधायक श्री मथुरा पटेल जी ,स्वयं मै,मैहर के वर्तमान विधायक श्री मोती लाल तिवारी जी , कार्यक्रम संचालक  राष्ट्रीय ओज कवि श्री प्रवीन शुक्ला जी    

 

विमोचन : अंजन ..... कुछ दिल से

विमोचन : अंजन ..... कुछ दिल से

कार्यक्रम के संयोजक डॉ. K.C.JAIN (कीर्तिमान संस्था मैहर के सस्थापक,राष्ट्रपति सम्मानित ) जनता का अभिवादन करते हुए

 

 

राष्ट्रीय स्तर के  हास्य कवि अशोक सुन्दरानी.(T.V. पार Lafter Challenge ,वाह  खूब कार्यक्रमों में अक्सर आते है) का सम्मान करते हुए

 

मैहर के समाजसेवी  का सम्मान करते हुए साथ में मैहर विधायक तिवारी जी एवं अन्य प्रतिष्ठित  जन

 

12-May-2012 अखिल भारतीय कवि सम्मलेन मैहर 15000 करीब श्रोता-गण सुबह 6 बजे तक चला काव्य यज्ञ

 

 

 

 

 

 

Wednesday, May 9, 2012

मैनेजमेंट गुरु ने बताए आमिर के 5 गुर

इंदौर. आमिर खान के टीवी शो 'सत्यमेव जयते' न सिर्फ एक बड़े दर्शक वर्ग को समाज की सच्चाई से लोगों को रू-ब-रू कराया है बल्कि खुद आमिर खान की छवि को नई ऊंचाइयां दी हैं। मैनेजमेंट गुरु और आईआईएम, इंदौर के प्रोफेसर प्रशांत सलवान ने दैनिकभास्‍कर.कॉम के लिए मैनेजमेंट के सिद्धांतों की कसौटी पर आमिर को परख कर यह समझाने की कोशिश की, मिस्‍टर परफेक्‍शनिस्‍ट कैसेट इस शो के लिए परफेक्ट एंकर साबित हुए।


1. व्यक्तित्व


-ताज़ा चेहरा (टीवी पर वे पहली बार शो कर रहे हैं) और मुस्कान (शो के दौरान वे माहौल को अपनी मुस्कान से हल्का बनाने की कोशिश भी करते हैं)
-युवाओं जैसा उत्साह और उम्मीद (इस शो के दौरान आमिर उम्मीद और उत्साह से लबरेज नज़र आते हैं)
-सज्जनता (आमिर की सज्जनता इस शो में साफ पता चलती है। नाजुक संदर्भों के दौरान उनकी नम आंखें साफ तौर पर उनकी भावुकता बताती हैं)

चरित्र 
-सबकी पहुंच में होना (आमिर से कोई भी दर्शक अपने दिल की बात इस शो या अपने फीडबैक के जरिए कर सकता है) 
-मेहनत कश (आमिर ने क्विज शो की पेशकश को ठुकराकर करीब एक साल की रिसर्च के बाद इस शो के लिए हामी भरी थी)
-बुद्धिमान (आमिर ने अपनी ऐसी छवि बनाई है कि वे किसी भी फिल्म, शो या किसी सरोकार से बिना किसी ठोस वजह के नहीं जुड़ते हैं और बहुत सोच समझकर काम करते हैं। शो का पहला एपिसोड देखने के बाद साबित होता है उन्होंने इसके लिए पूरा होम वर्क किया है)
 
 
2. प्रबंधकीय कौशल


-बेहतरीन कम्युनिकेशन (साफ लफ्जों में आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखते हैं। अपने दर्शकों के हिसाब से अपनी बात के अंदाज और टोन को बदलने की क्षमता रखते हैं)
-परेशानियों का हल निकालने वाला (जल्दी सोचने और उस पर अमल करने की क्षमता)
-टीम प्लेयर (टीम में 'मैं' की कोई जगह नहीं होती है)
 
3. निष्ठा
-जुनून (आमिर अपने काम को लेकर कितने जुनूनी है, यह किसी से छुपा नहीं है)
-जवाबदेही (सत्यमेव जयते शो को आमिर ने दर्शकों के प्रति तमाम जरियों से जवाबदेह बनाया है)
-मुहिम (सत्यमेव जयते शो के पहले एपिसोड से ही आमिर ने कन्या भ्रूण हत्या जैसे मुद्दे को लेकर एक मुहिम की शुरुआत कर दी है)
-इच्छा (इस टीवी शो को देखने से पता चलता है कि सामाजिक सरोकार को लेकर आमिर की सोच कितनी संजीदा और इच्छा कितनी मजूबत है)
-प्रशंसा (इस शो में आमिर अच्छा काम करने वाले लोगों की जमकर तारीफ कर रहे हैं)
 
4. लोगों के बीच छवि


-मौलिक (सत्यमेव जयते शो को लेकर सामने आ रही ज़्यादातर दर्शकों की राय से साफ है कि शो की विषय वस्तु यानी कटेंट और प्रस्तोता यानी आमिर-दोनों ही बेहद मौलिक नज़र आते हैं, उसमें कहीं से भी बनावट, नकल या सतहीपन नज़र नहीं आता है। शो के प्रमोशन के दौरान आमिर बार-बार कहते रहे कि उनके लिए शो की टीआरपी से ज़्यादा अहम यह बात है कि शो ने कितने लोगों के दिलों को छुआ)
-सुनने-देखने में मजेदार (इस बात में शक की गुंजाइश ही नहीं है कि आमिर को देखने-सुनने में लोगों को मज़ा आता है)
-दर्शकों से सीधे जुड़ने की क्षमता (आमिर अपनी बातों और मुद्दे के जरिए लोगों से सीधे जुड़ने में कामयाब दिख रहे हैं)
 
5. आमिर की मार्केटिंग रणनीति


1. अपने ब्रैंड का बखूबी इस्तेमाल 
2. सीधा, साधारण और सटीक विज्ञापन 
3. लोगों को अपनी बात कहने का मौका देना
4. सिर्फ परेशानी की सूचना भर नहीं देना बल्कि उसे हल करने के लिए सुझाव भी देना


साभार : http://www.bhaskar.com/article/SPLDB-management-guru-on-aamir-3242900.html?

दैनिकभास्कर : My Favorite 

Monday, May 7, 2012

दिल से लिखा,दिल को छूने वाला, काव्य संग्रह

दोस्तों सबसे नाप-तोल कर बोलिए,बात बहुत लगती है ,
अंजन को हमेशा प्यार से रखिये, नजर नही लगती है  |
अंजन काजल का समानार्थी शब्द है ! इसी शब्द पर आधारित है
 दिल से लिखा,दिल को छूने वाला,  काव्य संग्रह
'अंजन  कुछ दिल से….
काव्य का सबसे बड़ा हुनर होता है कम लफ़्ज़ों में बात कहना और वो भी इस तरह के पढने सुनने वाले के सीधे दिल पर असर करे, इसकी रचनाओ में बिना भारी बोझिल शब्दों का सहारा लिए मन की बात कही गई है
लोग आये,लोग गए,फासला हमेशा बना रहा
 ज्यादा देर ,किसी में प्रेम का अंजन कहां रहा 
कम लफ्जों में असर पैदा करने का प्रयास
पहले बड़ा भाई जाता है,फिर छोटा जाता है
गाव उदास हुआ, जब कोई हैदराबाद जाता है
इस छोटी सी किताब में कुल 30 पृष्ठ हैं लेकिन लगता है जैसे ज़ज्बात का कोई खजाना छुपा हुआ है. Pothi.com द्वारा प्रकाशित इस पुस्तक का मूल्य है 135 रु , पुस्तक प्राप्त करने के लिए  आप pothi.com कि link   http://tiny.cc/0hrgbw से,  या   vivekanjan@gmail.com पर पत्र व्यवहार द्वारा भी प्राप्त कर सकते हैं.  या  आप चाहें तो  लेखक से  9424351452   फोन नंबर पर संपर्क कर इसके बारे में जानकारी ले सकते हैं. इस पुस्तक की उपस्तिथि किसी भी काव्य प्रेमी द्वारा किए गए पुस्तक संकलन में चार चाँद ही लगायेगी.
सोने की खातिर , जो घर छोड़ गए वापस नही आये
पढाया तो बहुत पर,संस्कार की कुछ कमी बाकी रही
जिस सपोले को पिलाया था ढूध, किसी बच्चे की तरह
अंजन को जब उसने डसा , उसकी कातिल हसी बाकी रही
चलते चलते
अपने हुनर पे यकी रख,हमने हाथो की लकीरों को बदलते देखा है
                               अंजन जज्बे से आंगे बढ़हमने फकीरों को सिकंदर बनते देखा है

Friday, April 20, 2012

हौसला हो बुलंद

Hausla Buland Anthem – 

There is a new anthem for Haywards 5000 "Har Kadam Hausla Buland". Hausla Buland anthem of Haywards promotes Haywards 5000 beer brand.

Lyrics of Haywards 5000 song are penned by Javed Akhtar. It is composed and sung by Kailash Kher. Hausla Buland song is a tribute to the unsung heroes of the country who never give up.

Haywards 5000 salutes the inner strength of the heroes of our country through Har Kadam Hausla Buland anthem who face challenges everyday in their life and never give. It is an inspiring and energetic anthem inspired by some real stories.

जैसे  कंधे  पे  इक  दोस्त  का  हाथ  हो 
जैसे  लफ्जों  पे  दिल  की  हर  एक  बात हो 
जैसे  आँखों  से  चिंता  की  चिलमन  हटे 
जैसे  मिट  जाए  हर  ग़म  कुछ  इतना  घटे 
जैसे  राहों  में  सपनो  की  कालिया खिले 
जैसे  दिल  में  उजालो  के  दरिया  बहे 
जैसे  तन्न -मन   कोई  गीत  गाने  लगे 
जैसे  सोई  हुई  हिम्मत  अंगडाई  ले 
जैसे  जीना  ख़ुशी  की  कहानी  लगे 
जैसे  खुल  जाए  रस्ते  अब  तक  थे  बंद 

हौसला  हो  बुलंद 

हौसला  हो  बुलंद 

हौसला  हो  बुलंद 
हौसला  जैसे  आस्मां  से  हो  बुलंद 
हौसला  हो  बुलंद 

हौसला  हो  बुलंद 

हौसला  हो  बुलंद 
हौसला  जैसे  आस्मां  से  हो  बुलंद 

हौसला  हो  बुलंद  

हौसला  हो  बुलंद

हौसला  हो  बुलंद

Vivek Anjan Shrivastava

www.vivekanjan.com

Friday, April 6, 2012

कोशिश भी करते है

लीक से हटकर चलने की कोशिश भी करते है

थोडा बहुत भीड़ में पहचान हम भी रखते है

ज़माने से कह दो संभलकर उगलियाँ उठाये

अपनी जुबान में तलवार हम भी रखते है

सोचते है जाने से पहले लोगो की सोच बदल जाये

जिंदगी के किस्तों का हिसाब हम भी रखते  है

हम वो नही जो वक्त के साथ,अपने  रिश्ते,बदल जाये 

दिल से रिश्तो को निभाने का रिवाज हम भी रखते है

 

जो बेवफा है हो सकता है वो किसी और के हो जाये

अंजन हैआँखों में बसने का ख्याल हम भी रखते है

 

अंजन ..... कुछ दिल से 

 

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