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Wednesday, March 26, 2014

केजरीवाल के वाराणसी दौरे पर

वोट बैंक से इस टिप्पणी का कोई सरोकार नहीं अतः अतिवादी टिप्पणियों का स्वागत नहीं है।**

विचारधाराओं को रक्त से सींचा जाता है। चाहे वो वामपंथ हो दक्षिण पंथ हो या फिर भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का झूठा श्रेय लेने वाली कोई भी पार्टी। सबने खून से सींचा है अपनी जड़ों को। ये बात केजरीवाल नहीं जानते जो भारतीय राजनीति की सतह पर बुलबुले की तरह उभरे हैं। डंडा खाने पर बुरका पहन के भागने वाले और कैंडल मार्च की हास्यास्पद और नम्र राजनीति करने वाले लोगों को भी यह समझना चाहिए।

फिर भी आल द बेस्ट।

 

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