Pages

Wednesday, May 9, 2012

मैनेजमेंट गुरु ने बताए आमिर के 5 गुर

इंदौर. आमिर खान के टीवी शो 'सत्यमेव जयते' न सिर्फ एक बड़े दर्शक वर्ग को समाज की सच्चाई से लोगों को रू-ब-रू कराया है बल्कि खुद आमिर खान की छवि को नई ऊंचाइयां दी हैं। मैनेजमेंट गुरु और आईआईएम, इंदौर के प्रोफेसर प्रशांत सलवान ने दैनिकभास्‍कर.कॉम के लिए मैनेजमेंट के सिद्धांतों की कसौटी पर आमिर को परख कर यह समझाने की कोशिश की, मिस्‍टर परफेक्‍शनिस्‍ट कैसेट इस शो के लिए परफेक्ट एंकर साबित हुए।


1. व्यक्तित्व


-ताज़ा चेहरा (टीवी पर वे पहली बार शो कर रहे हैं) और मुस्कान (शो के दौरान वे माहौल को अपनी मुस्कान से हल्का बनाने की कोशिश भी करते हैं)
-युवाओं जैसा उत्साह और उम्मीद (इस शो के दौरान आमिर उम्मीद और उत्साह से लबरेज नज़र आते हैं)
-सज्जनता (आमिर की सज्जनता इस शो में साफ पता चलती है। नाजुक संदर्भों के दौरान उनकी नम आंखें साफ तौर पर उनकी भावुकता बताती हैं)

चरित्र 
-सबकी पहुंच में होना (आमिर से कोई भी दर्शक अपने दिल की बात इस शो या अपने फीडबैक के जरिए कर सकता है) 
-मेहनत कश (आमिर ने क्विज शो की पेशकश को ठुकराकर करीब एक साल की रिसर्च के बाद इस शो के लिए हामी भरी थी)
-बुद्धिमान (आमिर ने अपनी ऐसी छवि बनाई है कि वे किसी भी फिल्म, शो या किसी सरोकार से बिना किसी ठोस वजह के नहीं जुड़ते हैं और बहुत सोच समझकर काम करते हैं। शो का पहला एपिसोड देखने के बाद साबित होता है उन्होंने इसके लिए पूरा होम वर्क किया है)
 
 
2. प्रबंधकीय कौशल


-बेहतरीन कम्युनिकेशन (साफ लफ्जों में आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखते हैं। अपने दर्शकों के हिसाब से अपनी बात के अंदाज और टोन को बदलने की क्षमता रखते हैं)
-परेशानियों का हल निकालने वाला (जल्दी सोचने और उस पर अमल करने की क्षमता)
-टीम प्लेयर (टीम में 'मैं' की कोई जगह नहीं होती है)
 
3. निष्ठा
-जुनून (आमिर अपने काम को लेकर कितने जुनूनी है, यह किसी से छुपा नहीं है)
-जवाबदेही (सत्यमेव जयते शो को आमिर ने दर्शकों के प्रति तमाम जरियों से जवाबदेह बनाया है)
-मुहिम (सत्यमेव जयते शो के पहले एपिसोड से ही आमिर ने कन्या भ्रूण हत्या जैसे मुद्दे को लेकर एक मुहिम की शुरुआत कर दी है)
-इच्छा (इस टीवी शो को देखने से पता चलता है कि सामाजिक सरोकार को लेकर आमिर की सोच कितनी संजीदा और इच्छा कितनी मजूबत है)
-प्रशंसा (इस शो में आमिर अच्छा काम करने वाले लोगों की जमकर तारीफ कर रहे हैं)
 
4. लोगों के बीच छवि


-मौलिक (सत्यमेव जयते शो को लेकर सामने आ रही ज़्यादातर दर्शकों की राय से साफ है कि शो की विषय वस्तु यानी कटेंट और प्रस्तोता यानी आमिर-दोनों ही बेहद मौलिक नज़र आते हैं, उसमें कहीं से भी बनावट, नकल या सतहीपन नज़र नहीं आता है। शो के प्रमोशन के दौरान आमिर बार-बार कहते रहे कि उनके लिए शो की टीआरपी से ज़्यादा अहम यह बात है कि शो ने कितने लोगों के दिलों को छुआ)
-सुनने-देखने में मजेदार (इस बात में शक की गुंजाइश ही नहीं है कि आमिर को देखने-सुनने में लोगों को मज़ा आता है)
-दर्शकों से सीधे जुड़ने की क्षमता (आमिर अपनी बातों और मुद्दे के जरिए लोगों से सीधे जुड़ने में कामयाब दिख रहे हैं)
 
5. आमिर की मार्केटिंग रणनीति


1. अपने ब्रैंड का बखूबी इस्तेमाल 
2. सीधा, साधारण और सटीक विज्ञापन 
3. लोगों को अपनी बात कहने का मौका देना
4. सिर्फ परेशानी की सूचना भर नहीं देना बल्कि उसे हल करने के लिए सुझाव भी देना


साभार : http://www.bhaskar.com/article/SPLDB-management-guru-on-aamir-3242900.html?

दैनिकभास्कर : My Favorite 

No comments:

Post a Comment


आपकी प्रतिक्रिया और सुझाव