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Monday, July 13, 2009

बरसात में यूं निपटें बीमारी से

बरसात के मौसम में बारिश की तेज बौछारें मन को खुश कर देती हैं। चारों तरफ पानी ही प

ानी और हरियाली नजर आती है। लेकिन दिक्कत तब आती है, जब पानी, कीचड़, पसीना व नमी से कई तरह की बीमारियां पैदा हो जाती हैं। इस मौसम में इन चीजों से बचना तो नामुमकिन है, लेकिन कुछ सावधानियां बरतने से इनसे होने वाली दिक्कत से जरूर बचा जा सकता है।

त्वचा पर लाल दाने
बारिश के मौसम में पसीने से त्वचा पर लाल-लाल दाने निकल आते हैं। खासतौर पर बंद जगहों पर ये ज्यादा हो जाते हैं।
बचाव : मेट्रो हॉस्पिटल के स्किन स्पेशलिस्ट डॉ. अजय शर्मा बताते हैं, 'पसीने की चिपचिपाहट की वजह से इस तरह के दाने हो जाते हैं। हालांकि इन पर बहुत ज्यादा खुजली होती है, लेकिन इनको खुजलाएं नहीं। इन पर जैतून का तेल या कोई कोल्ड क्रीम लगाएं।' इसके अलावा, इन बातों का भी ध्यान रखें-

- कॉटन की ड्रेस पहनें, क्योंकि यह पसीने सोख लेता है। सिंथेटिक, सिल्क व जार्जेट की ड्रेसेज पहनना अवॉइड करें।
- पसीना आए, तो बीच-बीच में उसे पोंछते रहें।
- ज्यादा धूप में न घूमें।
- टाइट ड्रेसेज पहनने से बचें। ड्रेस थोड़ी लूज पहनें।
- अगर दानों में दर्द होने लगे, तो डॉक्टर की सलाह लें।

मुंहासे
गर्मियों की अपेक्षा बरसात में मुंहासे अधिक निकालते हैं। पसीना निकलने के कारण चेहरे की तेल ग्रंथियां बंद हो जाती हैं, जो बाद में मुंहासों में बदल जाती हैं। मुंहासे चेहरे पर अपने निशान छोड़ जाते हैं, इसलिए मुहांसों से बचे रहने के लिए ज्यादा सावधान रहने की जरूरत होती है। स्किन स्पेशलिस्ट डॉ. अनीता कहती हैं, 'वैसे तो इस सीजन में मुंहासे किसी भी तरह की स्किन पर हो सकते हैं, लेकिन ऑइली फेस पर ये खासतौर पर ज्यादा हो जाते हैं। इनसे बचने का एक ही तरीका है, चेहरे को बा- बार धोना और पसीना आने पर तुरंत पोंछ डालना।' साथ ही-

- अधिक वसायुक्त व तला हुआ भोजन खाने से परहेज करें।
- धूल-मिट्टी से बचें।
-मुंहासों को दबाएं नहीं। हफ्ते में एक बार चेहरे को स्टीम दें।
- सफाई का ध्यान रखें। इसके लिए ऑइल रहित फेस वॉश का इस्तेमाल करें।
- डॉक्टर से सलाह से दवा लें।

फोड़े-फुंसियां
बरसात के मौसम में फोड़े-फुंसियां होना बेहद आम हैं। घमौरियों की ढंग से देखभाल न करने पर यह समस्या हो जाती है। दरबसल, घमौरियों पर जमा पसीना निकलकर चारों और फैलने लगता है। इसके कारण इन्फेक्शन होने लगता है, जो फोड़े-फुंसियों में बदल जाता है।

-फुंसियों को फोड़े न। ऐसा करने से ये बढ़ेंगी ही।
- ढीले-ढाले कपड़े पहनें।
- डॉक्टर की सलाह से ही किसी क्रीम या पाउडर का इस्तेमाल करें।

फंगस
फंगस ज्यादातर उन जगहों पर होती है, जहां नमी रहती है। बारिश में पसीना आने के कारण शरीर के अंगों में नमी बढ़ जाती है, जिससे फंगस लग जाता है। डॉ. अजय कहते हैं, 'फंगस ज्यादातर गोल-गोल चकत्ते के रूप में दिखाई देती है। इन चकत्तों में खुजली होती है और खुजलाने पर परेशानी और बढ़ती है। ये खासतौर पर जांघों, बगल आदि जगहों पर होते हैं।'

-तंग कपड़े न पहनें। कॉटन के ढीले-ढाले कपड़े पहनें।
-तौलिया व टिश्यू पेपर साथ रखें, जिससे समय-समय पर फंगस वाली जगहों को पोंछा जा सके।
-पसीना आने पर उसे सुखा लें या तुरंत पोंछ डालें।
- त्वचा रोग विशेषज्ञ को दिखाकर फंगस की दवा लें।
-एसी व कूलर के सामने रहें।

खसरा (मीसल्स)
खांसी, जुकाम व बुखार से आरंभ हुए इस रोग में तीन-चार दिन के बाद शरीर पर छोटे-छोटे दाने निकल आते हैं, जो सबसे पहले माथे पर दिखते हैं और फिर शरीर में नीचे टांगों तक फैल जाते हैं। इसमें गले के अंदर भी चकत्ते पड़ जाते हैं, जिन्हें कॉपलिक स्पॉट कहते हैं। यह रोग संक्रामक होता है और पूरी तरह ठीक होने में लगभग दस दिन ले लेता है। यह इन्फेक्शन अधिकतर वायरस द्वारा होता है। इसमें सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। रोगी के कपड़े साफ, सूती व नरम होने चाहिए।

आई फ्लू
मौसम की एलर्जी के कारण आंखों का रोग कंजक्टिवाइटिस या आई फ्लू हो जाता है। इसमें आंखों में जलन व खुजली होती है और आंखें लाल हो जाती हैं। यह वायरस बैक्टीरिया और फंगस के कारण होता है। इस बीमारी में आंख के एक भाग में सूजन आ जाती है। आम वायरल कंजक्टिवाइटिस अपने आप चार-पांच दिनों में ठीक हो जाता है। डॉक्टर की सलाह से आंखों में दवा डालें। दिनभर में आंखों को तीन से चार बार ठंडे पानी से धोएं। किसी बीमार व्यक्ति का तौलिया इस्तेमाल न करें। आंखों को इस बीमारी से बचाने के लिए धूप के चश्मे का इस्तेमाल करें।

बालों में फ्रिजीनेस
नमी का सबसे ज्यादा असर आपके बालों पर पड़ता है। इससे बाल जड़ों से चिपके और सिरों से रूखे लगते हैं। ऐसे में इनको मन-मुताबिक स्टाइल में बनाए रखना मुश्किल होता है।

- घर से बाहर जाने से पहले बालों को शैंपू करें और अच्छे मॉइश्चर युक्त कंडिशनर का इस्तेमाल करें। बालों को गुनगुने पानी से धोएं, जिससे कंडिशनर बालों से निकल जाए। कभी-कभार बालों पर एंटी फ्रिंज क्रीम या सीरम भी लगाएं।
- इस सीजन में नमी बालों की स्टाइल को बिगाड़ देती है, इसलिए सीधे बालों को कर्ल न करें और कर्ली बालों को स्ट्रेट न करें, क्योंकि नमी की वजह से ये कुछ ही समय बाद दोबारा वैसे हो जाएंगे।
- जब आप बारिश से भीगकर कर आएं, तो सबसे पहले बाल धो लें। इससे बालों से सारी ग्रीस और मिट्टी हट जाएगी। इसके बाद बालों को सूखने दें। आप बालों पर मूज भी लगा सकती हैं, लेकिन एंटी-फ्रिज मूज ही चुनें।

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