अंजन.... कुछ दिल से
अपनी वैचारिक प्रतिबद्धता और जीवन-कर्म के बीच की दूरी को निरंतर कम करने की कोशिश का संघर्ष....
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Wednesday, April 18, 2018
शक्ति तो ब्रजबाला है-भजन
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सुनी देवो की जो करुण पुकार हुई कृष्ण की दृष्टि भी अपार जब देखी उग्र रूप राधा कान्हा ने यह निर्णय साधा किसी तरह राधा को मनाऊँ मैं अपन...
Thursday, April 12, 2018
शायद पढ़ लोगी तुम कही ?-कविता
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कविता बेहद भावुक और खूबसूरत है — एक गहरी याद , एक अधूरी मुलाक़ात , और एक उम्मीद की झलक लिए हुए। मैंने आपकी मूल भाव...
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