Thursday, May 12, 2016

मैंने ज़िन्दगी देखी है

रोज़ रात सजती महफ़िलों में
अक्सर ख़ामोश तनहाई देखी है
सच कहूँ
मैंने ज़िन्दगी देखी है

फ़क़त हँसाना जिनका पेशा है
उनकी आँखों में नमी देखी है
सच कहूँ
मैंने ज़िन्दगी देखी है

इक जनाज़े को कंधा दिया एक दिन
क्या होती है किसी की कमी, देखी है
सच कहूँ
मैंने ज़िन्दगी देखी है

कल तमाम रात रोते हुए गुज़री
सुबह बिस्तर पे फ़िज़ा शबनमी देखी है
सच कहूँ
मैंने ज़िन्दगी देखी है

उन दिनों
जब मैं दर्द से तड़पता था
कई दिलों में सुकूँ
कई चेहरों पे हँसी देखी है॥
सच कहूँ
मैंने ज़िन्दगी देखी है

वो जो दुनिया को ख़ाक़ करने चले थे
जहाँ दबे हैं वे
वो ज़मीं देखी है
सच कहूँ
मैंने ज़िन्दगी देखी है

Friday, April 8, 2016

मगर हारना पड़ा

थी मुफ़लिसी तो मन को मुझे मारना पड़ा
था जीतने का दम भी मगर हारना पड़ा

फैले हुए वो हाथ भिखारे के देखकर
कितनी ही देर तक मुझे विचारना पड़ा

उतरी नहीं थी बात कभी जो मिरे गले
उसको भी आज दिल तलक़ उतारना पड़ा

जान से अज़ीज़ थे, दिल के क़रीब थे
कितने हसीन थे, जिन्हें बिसारना पड़ा

सब जानते हुए भी मैं नादां बना रहा
वक्त मुझको ऐसा भी गुज़ारना पड़ा

Thursday, March 31, 2016

बाँटता है।



कोई दर्द बाँटता तो कोई खुशी बाँटता है।
जिसके पास जो होता वो वही बाँटता है।
अँधेरों में जीना भी कोई जीना है दोस्त,
उसका जीना जीना जो रोशनी बाँटता है।
किसी की कभी भी जान ले सकता है दुष्ट,
पर सज्जन हमेशा ही जिन्दगी बाँटता है।
किसी को रुलादे ऐसा गम किस काम का,
उसको सराहो जो सब को हँसी बाँटता है।
बुझदिल लोग जिया करते हैं उदासियों में,
दिलदार वही जो सबको ताजगी बाँटता है।

Thursday, March 17, 2016

आदमी बदलते देखा है

कौन कहता है अपनी किस्मत अपने हाथ नहीं
मैंने कर्मों की क़लम से खींची किस्मत रेखा है
आपने आदमी के पल-पल बदलते देखे होंगे
मैंने यहाँ पल-पल, आदमी बदलते देखा है

Thursday, March 10, 2016

साईं का ध्यान

मिलके करलो खुलके करलो साईं का गुनगान
साईं का गुनगान करेगा हम सब का कल्याण

सुबह शाम साईं की आरती उतार लो
साईं की भक्ति से ख़ुद को संवार लो
मानो कहना नहीं तो वरना रहेंगे भटकते प्राण

सच्चे मन से जो साईं दरबार में आया
जो भी कामना की है उसने वो पाया
साईं कृपा से हो जाते हैं निर्धन भी धनवान

भक्तों की सुनते सदा मन की पुकार साईं
झोलियों में भरते सदा अपना प्यार साईं
हर सुख का दाता है जग में साईं का ध्यान